‘झारखंड के खनिज पर दिल्ली का कब्जा नहीं चलेगा’ : एमएमडीआर के खिलाफ 7 सितंबर को कसमार में झामुमो का हुंकार

झामुमो प्रखंड कमेटी की बैठक में केंद्र के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान, 11 सितंबर को शहीद कैलाश रजवार जयंती को भी भव्य बनाने की तैयारी

कसमार। संसद से पारित एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में झामुमो ने कसमार में मोर्चा खोल दिया है। आगामी 7 सितंबर को प्रखंड मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन कर विधेयक के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया जाएगा। वहीं 11 सितंबर को शहीद कैलाश रजवार जयंती समारोह को भी व्यापक जनभागीदारी के साथ भव्य रूप देने का निर्णय लिया गया है।

दोनों कार्यक्रमों को सफल बनाने और अधिक से अधिक लोगों को गोलबंद करने को लेकर शनिवार को गर्री पंचायत भवन सचिवालय में झामुमो प्रखंड कमेटी की अहम बैठक हुई। अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष दिलीप कुमार हेंब्रम ने की, जबकि संचालन प्रखंड सचिव सोहेल अंसारी ने किया।

बैठक में एमएमडीआर संशोधन विधेयक को लेकर झामुमो नेताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। वक्ताओं ने इसे ‘झारखंड के हितों के खिलाफ काला कानून’ करार देते हुए कहा कि खनिज संपदा झारखंड की धरती से निकले, पर्यावरण और प्रदूषण का खामियाजा झारखंड भुगते, विस्थापन का दर्द यहां के लोग सहें और खनिज से होने वाले आर्थिक लाभ की व्यवस्था में राज्य के अधिकार ही कमजोर कर दिए जाएं—यह झारखंड के साथ खुली नाइंसाफी है।

वक्ताओं ने कहा कि जल-जंगल-जमीन और खान-खनिज झारखंड की पहचान और अधिकार से जुड़े हैं। खनन से होने वाला पर्यावरणीय नुकसान, प्रदूषण और विस्थापन स्थानीय लोगों को झेलना पड़ता है। ऐसे में खनिज संसाधनों से जुड़े राजस्व एवं कराधान के अधिकारों को सीमित करना राज्य के हितों पर सीधा प्रहार है।

उन्होंने कहा कि अतिरिक्त टैक्स यानी सेस लगाने के अधिकार को केंद्र के हाथों में अधिक केंद्रीकृत करने तथा राज्यों के अधिकार सीमित करने वाली किसी भी व्यवस्था का झारखंड में पुरजोर विरोध होगा। झारखंड अपनी खनिज संपदा का बोझ उठाने वाला और दूसरों को लाभ पहुंचाने वाला राज्य बनकर नहीं रहेगा।

झामुमो नेताओं ने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से 7 सितंबर के धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचकर एमएमडीआर संशोधन विधेयक के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। बैठक में साफ संदेश दिया गया कि आंदोलन को महज औपचारिक विरोध तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि जनभागीदारी के जरिए इसे मजबूत आवाज दी जाएगी।

कैलाश रजवार की शहादत की याद में भी उठेगी आवाज

बैठक में 11 सितंबर को शहीद कैलाश रजवार जयंती समारोह को भव्य रूप देने पर भी विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि 11 सितंबर 1981 को जमीन विवाद के दौरान कैलाश रजवार की हत्या कर दी गई थी। झामुमो नेताओं ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या सामंती ताकतों के इशारे पर पुलिस द्वारा की गई तथा शव को भी छिपा दिया गया था।

वक्ताओं ने कहा कि इस कथित क्रूर हत्या की स्मृति और उसके विरोध में प्रत्येक वर्ष आक्रोश एवं शहीद दिवस मनाया जाता रहा है। इस वर्ष कार्यक्रम को व्यापक बनाने तथा बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में प्रखंड प्रमुख नियोती कुमारी, विधायक प्रतिनिधि मो. शेरे आलम, पूर्व जिप सदस्य विमल कुमार जायसवाल, सिकंदर कपरदार, सुरेंद्रनाथ महतो, हरेंद्र महतो, बिनोद महतो, सुभाष चंद्र हजाम, मो. फारूख अंसारी, धीरेंद्रनाथ महतो, तनवीर आलम, इरफान अहमद, द्वारिका प्रसाद महतो, इरफान अंसारी, मुन्ना अंसारी, मोबीन अंसारी, विनय मुर्मू, कुलदीप करमाली, संजू देवी, बबीता देवी, देवाशिष मुखर्जी समेत कई झामुमो नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।

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