78 प्रतिशत अंक के साथ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय की बनीं टॉपर, भाषा प्रेमियों और शिक्षाविदों ने दी बधा
Bermo/Bokaro: मेहनत और लगन के दम पर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां भी सफलता की नई इबारत लिख रही हैं। इसका ताजा उदाहरण बेरमो प्रखंड के जरिडीह बस्ती, सरैयाटांड की रहने वाली ज्योति कुमारी (ज्योति हेमरिआर) हैं। ज्योति ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के एमए कुड़माली विभाग में 78 प्रतिशत अंक हासिल कर विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है।
सत्र 2024-26 की छात्रा ज्योति की इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। खासकर कुड़माली भाषा-साहित्य से जुड़े लोगों के लिए यह उपलब्धि गौरव का विषय बनी है।
कुड़माली को बनाया सफलता का माध्यम
ज्योति ने उच्च शिक्षा में कुड़माली भाषा एवं साहित्य को अपना विषय चुना और इसी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विश्वविद्यालय टॉपर बनने की उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि क्षेत्रीय भाषाएं केवल बोलचाल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनमें उच्च शिक्षा और शोध के भी व्यापक अवसर हैं।
ज्योति की सफलता पर कुड़माली भाषा प्रेमियों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं बुद्धिजीवियों ने बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि कुड़माली भाषा के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के लिए प्रेरणा
जरिडीह बस्ती जैसे ग्रामीण परिवेश से निकलकर विश्वविद्यालय स्तर पर टॉप करना ज्योति की सफलता को और खास बनाता है। उनकी उपलब्धि से क्षेत्र की छात्राओं में भी उच्च शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ने की उम्मीद है।
परिजनों और शुभचिंतकों ने ज्योति के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वह आगे भी कुड़माली भाषा, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देंगी।
ज्योति कुमारी के पिता हरिश्चंद्र महतो एवं माता सुनिता देवी हैं। उनकी इस सफलता पर क्षेत्रवासियों ने परिवार को भी बधाई दी है।

