- कसमार में शहीद कैलाश रजवार की 46वीं शहादत दिवस पर गूंजा शोषण-विरोधी संघर्ष का संदेश।
- मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो के पुत्र विनय कपूर ने शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, शहीद की पत्नी व पुत्र हुए सम्मानित।
कसमार। जमींदारी के जुल्म, सामंती दबदबे और महाजनी शोषण के खिलाफ उठी जिस आवाज को गोलियों से खामोश करने की कोशिश हुई थी, वह आवाज 46 साल बाद भी कसमार की धरती पर गूंज रही है। शुक्रवार को कसमार बाजार टांड़ स्थित शहीद वेदी पर शहीद कैलाश रजवार की 46वीं शहादत दिवस मनायी गयी। श्रद्धांजलि सभा में उनके संघर्ष, बलिदान और शोषण के खिलाफ उनकी लड़ाई को याद किया गया।
स्थानीय विधायक सह राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो के पुत्र सह झामुमो जिला युवा मोर्चा के वरीय उपाध्यक्ष विनय कपूर ने शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित कर कैलाश रजवार को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद की पत्नी शांति देवी एवं पुत्र सिकंदर कपरदार को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
‘कैलाश रजवार सिर्फ नाम नहीं, संघर्ष की पहचान हैं’
विनय कपूर ने कहा कि शहीद कैलाश रजवार ने उस दौर में आवाज उठायी, जब जमींदारी, सामंतवाद और महाजनी शोषण के खिलाफ बोलना भी आसान नहीं था। उन्होंने दबे-कुचले, शोषित और वंचित लोगों के अधिकार के लिए संघर्ष किया और अन्याय के सामने झुकने से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि कैलाश रजवार ने झारखंड अलग राज्य आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसी संघर्ष के दौरान वे पुलिस की गोली के शिकार हुए। इससे भी ज्यादा पीड़ादायक यह है कि उनके परिजनों को उनके शव तक का अंतिम दर्शन नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि इतिहास केवल सत्ता और शासन की कहानी नहीं होता। इतिहास उन लोगों के खून से भी लिखा जाता है, जिन्होंने अन्याय के खिलाफ अपनी जान कुर्बान कर दी। कैलाश रजवार ऐसे ही संघर्षशील योद्धा थे।
विनय कपूर ने कहा कि शहीद की वेदी पर फूल चढ़ाना तभी सार्थक होगा, जब समाज उनके संघर्ष की मूल भावना को समझे। अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना, शोषितों के अधिकार की लड़ाई लड़ना और दबे-कुचलों के साथ खड़ा होना ही कैलाश रजवार के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने कहा कि गोलियां शरीर को खत्म कर सकती हैं, लेकिन विचारों और संघर्ष की विरासत को नहीं। कैलाश रजवार का संघर्ष आज भी जिंदा है और आने वाली पीढ़ियों को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता रहेगा।
शहीद परिवार को सम्मान, संघर्ष की विरासत को नमन
कार्यक्रम के दौरान शहीद कैलाश रजवार की पत्नी शांति देवी और पुत्र सिकंदर कपरदार को सम्मानित किया गया। शहीद परिवार का सम्मान करते हुए उपस्थित लोगों ने उनके बलिदान को नमन किया।
मौके पर झामुमो केंद्रीय सदस्य जय नारायण महतो, वरीय नेत्री सह कसमार प्रखंड प्रमुख नियुक्ति कुमारी, विधायक प्रतिनिधि मो शेरे आलम, कसमार प्रखंड अध्यक्ष दिलीप कुमार हेंब्रम, पेटरवार प्रखंड अध्यक्ष कृष्णा महतो, प्रखंड सचिव सोहेल अंसारी, कोषाध्यक्ष हरेंद्र महतो, जिला सदस्य फारूक अब्दुल्ला, शहीद पुत्र सह झामुमो नेता सिकंदर कपरदार, प्रिया देवी, मंजू देवी, हेमंती देवी, प्रकाश कुमार, गंगाधर महतो, बिनोद बिहारी महतो, तिलक कपरदार, चितरंजन कपरदार, नंदन कपरदार, शिबू महतो, राजेश टुडू, कैलाश कपरदार, नरेश कुमार महतो, मुन्ना अंसारी, धनंजय स्वर्णकार, जीतेन्द्र पाहन, संजू देवी समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे।


