75% स्थानीय को कार्य, प्रदुषण से निजात, ग्रामीण पथों में भारी वाहनों का आवागमन वर्जित समेत सात सूत्री मांग पत्र सौंपा कंपनी को
Kasmar (Bokaro) : वाराणसी से कोलकाता सिक्स लैन एक्सप्रेस-वे निर्माण के अंतर्गत कसमार प्रखंड के बगियारी मोड़ में इंटरचैंज बनाने व 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को कार्य की मांग लेकर शनिवार को एच०जी० इंफ्रा इंजिनियरिंग लिमिटेड कंपनी गेट के समक्ष स्थानीय ग्रामीणों ने एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कंपनी को चेतावनी देते हुए जेएलकेएम जिलाध्यक्ष सह दुर्गापुर मुखिया अमरेश कुमार महतो ने कहा कि एक्सप्रेस-वे निर्माण कंपनी प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को गुमराह कर कार्य लेना चाहती है। जो कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा। एक्सप्रेस-वे निर्माण से स्थानीय लोगों को कोई भी लाभ नहीं मिलेगा। एक्सप्रेस-वे पर सफर करने के लिए स्थानीय लोगों को 15 किमी दूर पेटरवार से आगे लेपो जंक्शन या 25 किमी दूर बंगाल बाॅर्डर पुरूलिया रोड़ जाना पड़ेगा।स्थानीय लोग सिर्फ एक्सप्रेस-वे उपर चलती वाहनों को देखने का लाभ मिलेगा। वहीं समाजसेवी श्यामल झा ने कहा कि यह कंपनी झारखंड सरकार द्वारा तय मानक के अनुसार 75 प्रतिशत स्थानीय को ठेका पट्टा या मजदूरी कार्य में लगाये। कंपनी ग्रामीण पथों पर भारी वाहनों का परिचलान नहीं कराया जाय। जिससे पथ जर्जर हो रहे हैं। एक्सप्रेसवे निर्माण में भारी मात्रा एश-छाई डालने कारण धूलकण उड़ रहे है। जिससे आसपास के गांवों में प्रदुषण फैलने से लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। जिसपर अविलंब नियंत्रण किया जाय। कहा कि इन सात सूत्री मांगों को दो दिनों के अंदर अइर सकारात्मक पहल नहीं होता है तो कंपनी का कार्य अनिश्चितकालीन बंद कराया जायेगा। सभा को मुखिया प्रतिनिधि भोला मुर्मू, भुवनेश्वर महतो, अशोक सिंह, इब्राहिम अंसारी, किंकर महतो, सृष्टिधर महतो, प्रशांत महतो, भरत महतो, विष्णु महतो आदि दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।

