कसमार बीडीओ की मनमानी और अधिकार हनन के विरोध में 27 से आमरण अनशन पर बैठेंगी प्रमुख नियोती कुमारी, मामले पर बीडीओ ने कहा-आरोप निराधार, सभी कार्य हो रहे नियमानुसार

 

बोकारो आजतक डेस्क 

Bokaro : कसमार प्रखंड में प्रशासनिक खींचतान और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर प्रमुख सहित पंचायत समिति सदस्य उग्र हैं। कसमार बीडीओ की कार्यशैली और कथित मनमानी के खिलाफ प्रखंड प्रमुख ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रमुख ने आगामी 27 अप्रैल से प्रखंड मुख्यालय परिसर में आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा कर दी है।

 इसकी सूचना उन्होंने बेरमो एसडीओ को देते हुए  आरोप लगाया है कि बीडीओ द्वारा पंचायत समिति की बैठक आगामी 29 अप्रैल को उनकी सहमति या जानकारी के बिना ही आहूत कर दी है। प्रमुख का कहना है कि यह न केवल उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है, बल्कि नियमों को ताक पर रखकर किसी बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम देने की साजिश है। शिकायत पत्र में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए प्रमुख ने कहा है कि:

जेम पोर्टल के माध्यम से कई सामग्रियों की केवल कागजी खरीदारी दिखाई गई है, जबकि धरातल पर सामान पहुचा ही नहीं। गत वर्ष की लगभग 15 योजनाओं में भारी वित्तीय अनियमितता की गई है, जिसकी शिकायत 17 अप्रैल को डीडीसी बोकारो से भी की जा चुकी है।

जनता के साथ ठगी और अनुचित तरीकों से सरकारी राशि के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है। प्रमुख ने बताया कि इस आंदोलन में जिला प्रमुख संघ, प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता और आम जनता भी शामिल होगी।

बताया गया कि बीडीओ की मनमानी और भ्रष्टाचार चरम पर है। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण मुझे विवश होकर आमरण अनशन जैसा कठोर कदम उठाना पड़ रहा है।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कसमार बीडीओ नम्रता जोशी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उनके अनुसार, प्रखंड में विकास कार्यों और बैठकों का आयोजन पूरी तरह से सरकारी दिशा-निर्देशों और पंचायत राज अधिनियम के तहत किया जा रहा है। कार्य होता है तो आरोप लगाना स्वाभाविक है। लेकिन साबित और प्रामाणिक होना चाहिए। 

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