मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो, उपायुक्त अजय नाथ झा, डीइओ जगन्नाथ दोहरा समेत शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि व समाजसेवियों ने बधाई
Kasmar (Bokaro) : सीमित संसाधन, आर्थिक तंगी और संघर्षों से भरी जिंदगी-इन सबके बावजूद अगर हौसले बुलंद हों, तो सफलता कदम चूमती है। इस बात को सच कर दिखाया है कसमार प्रखंड के खैराचातर गांव की रहने वाली छोटी कुमारी ने, जिसने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की इंटरमीडिएट आर्ट्स परीक्षा में पूरे राज्य में टॉप कर इतिहास रच दिया।
पीएम श्री क्षेत्रनाथ +2 उच्च विद्यालय, हरनाद की छात्रा छोटी कुमारी ने 500 में से 487 अंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे बोकारो जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। एक दिहाड़ी मजदूर की बेटी की यह उपलब्धि आज हर किसी के लिए प्रेरणा बन गई है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर :
छोटी कुमारी के पिता भवानी शंकर नायक रोजाना दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि उनकी माता माला देवी गृहिणी हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण छोटी को महंगे कोचिंग संस्थानों या बेहतर संसाधनों की सुविधा नहीं मिल सकी। इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत, लगन व आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
छोटी रोजाना कई घंटों तक स्वाध्याय करती थी। स्कूल के शिक्षकों से मार्गदर्शन लेना और यूट्यूब के माध्यम से पढ़ाई करना उसकी दिनचर्या का हिस्सा था। सीमित साधनों में उसने अपने सपनों को पंख दिए और आज राज्य टॉपर बनकर सामने आई।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई:
बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने वीडियो कॉल के माध्यम से छोटी कुमारी को बधाई दी। उन्होंने उसकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने छोटी को जिले शान बताया है।
वहीं, मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने भी छात्रा को शुभकामनाएं देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि छोटी की सफलता ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
क्षेत्र में खुशी की लहर:
छोटी कुमारी की इस सफलता से पूरे खैराचातर गांव और कसमार क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और समाजसेवियों ने उसे बधाई देते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है।
सपना: प्रशासनिक सेवा में जाना:
छोटी कुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उसने बताया कि उसका सपना आगे चलकर प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए काम करना है।
प्रेरणा की मिसाल:
छोटी कुमारी की कहानी यह साबित करती है कि गरीबी और संसाधनों की कमी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो हर सपना साकार हो सकता है।

