- 22 वर्ष पूर्व ग्रामीणों ने अपने स्तर से खींची थी एलटी विद्युत तार।
- रांगामाटी गांव को नहीं मिली RGGVY एवं DDUGJY जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ।
KASMAR (BOKARO) : बोकारो जिले के कसमार प्रखंड अंतर्गत रांगामाटी गांव में 22 वर्ष पूर्व ग्रामीणों द्वारा अपने स्तर से खींची गई एलटी विद्युत तार जर्जर हो चुकी है। गांव में कहीं-कहीं जमीन से 8 फीट नीचे तक झूल रही है। मुस्लिम टोला में तो और गंभीर खतरे की स्थिति बन गई है। यहां कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। लेकिन कोई भी विद्युत अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर नहीं जाता है।
इस सड़क से होकर प्रतिदिन बगदा व दुर्गापुर पंचायत के विभिन्न गांवों के सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं। कसमार बाज़ार व प्रखंड मुख्यालय तथा बोकारो ज़िला मुख्यालय तक जाने का एकमात्र रास्ता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस विद्युत लाईन को 22 वर्ष पूर्व इसे अपने नीजी स्तर से ग्रामीणों ने लगाया था। अब जर्जर पोल-तार समेत अन्य उपकरणों के साथ बिजली पोल खंभों की दूरी भी अधिक है। जिसके कारण भी तार झूल रहे हैं है। लगभग 150 उपभोक्ता वाले रांगामाटी गांव को ना ही राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (RGGVY) का लाभ मिला और ना ही दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना DDUGJY का। इन दोनों ही केंद्रीय और महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभ से वंचित है रांगामाटी गांव।
स्थानीय ग्रामीणों ने डेढ़ वर्ष पूर्व तत्कालीन पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष तथा वर्तमान मंत्री योगेंद्र प्रसाद को इस समस्या से अवगत कराया था । इसके बाद एक ठेकेदार द्वारा 8-10 पोल गिराकर खड़ा भी किया। लेकिन उसके बाद और ना ठेकेदार आया और ना ही कुछ काम हुआ। इसके बाद भी कई बार ग्रामीणों द्वारा मंत्री को मौखिक रूप से अवगत कराया गया, मंत्री द्वारा विद्युत अधिकारियों को निर्देश दिया गया लेकिन अधिकारियों ने अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया। अब ग्रामीण खतरे के बीच ही रहने को मजबुर है।
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