Hemant Mahto Hindiar
Bokaro : बरलंगा से कसमार भाया नेमरा पथ चौड़ीकरण-मजबुतिकरण एवं पुन:निर्माण के निमित्त चौड़ा, हेठ बरगा एवं उपर बरगा मौजा अंतर्गत वन भूमि में पथ निर्माण पर लगी अड़चन अब समाप्त हो गई है।
वन भूमि अपयोजन एवं हस्तांतरण की स्वीकृति आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की अहम बैठक में दी गई। इसके साथ ही अब पथ निर्माण अंतर्गत कसमार प्रखंड के चौड़ा मौजा एवं गोला प्रखंड के उपर बरगा एवं हेठ बरगा मौजा अंतर्गत सरकारी गैरमजरूवा, खासमहाल, जंगल झाड़ी डिमेड फोरेस्ट भूमि पर सड़क निर्माण को लेकर वन विभाग द्वारा लगायी रोक भी हट गयी है। जिससे अब वनभूमि क्षेत्र में अटका हुआ कार्य शुरू हो पायेगा और जल्द ही सड़क निर्माण कार्य पूर्ण होगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से जुड़ती है यह सड़क
बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से होकर गुजरने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण वन भूमि पहाड़ी के दोनों तरफ बोकारो जिले के कसमार प्रखंड के कसमार चौक तक एवं रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड के बरलंगा चौक तक निर्माण कार्य पूर्ण हो चुकी है। लेकिन वन विभाग द्वारा रोक लगाये जाने तथा अनापत्ति प्रमाण-पत्र नहीं दिये जाने के कारण वन भूमि स्थल हेठ बरगा उपर बरगा मौजा एवं चौड़ा मौजा पर कार्य रूका हुआ था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर विशेष पहल करते हुए अनापत्ति प्रमाण-पत्र हेतु क्षतिपूरक वन भूमि के अंतर्विभागीय निशुल्क हस्तांतरण की प्रकिया को आज कैबिनेट में स्वीकृति देकर पूर्ण कराया।
बता दें कि यह पथ बोकारो से कसमार होते हुए सीधे मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा होते हुए बरलंगा तक जुड़ेगी है। जहां से दायीं ओर सिल्ली तथा बायीं ओर झालदा की रास्ता जाती है।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद की भी रही है अहम पहल
उक्त पथ का जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूर्ण कराने को लेकर गोमिया विधायक सह पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो भी गंभीर रहे हैं। उन्होंने भी तत्परता पूर्वक पहल किया है। जिसके कारण आज पथ निर्माण कार्य पूर्ण होने की सारी अड़चन समाप्त हो गयी।

