- भाकपा माले का कसमार प्रखंड कमिटी का सम्मेलन सम्पन्न।
Bokaro/Kasmar : भाकपा माले कसमार प्रखंड कमिटी का एकदिवसीय सम्मेलन आज मेजर नागेन्द्र प्रसाद सभागार में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की शुरुआत झंडोत्तोलन और शहीद वेदी पर माल्यार्पण के साथ कम्युनिस्ट आंदोलन के शहीदों को एक मिनट का मौन श्रद्धांजलि अर्पितकर किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता गंगाधर महतो, उमाशंकर महाराज एवं कुसुम देवी समेत तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने संयुक्त रूप से किया। सम्मेलन का उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला सचिव देव द्वीप सिंह ‘दिवाकर’ ने कहा कि प्रखंड का सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब पूरा सिस्टम नाकाम है, कोई भी प्रशासनिक महकमा जनता के मुद्दे पर गंभीर नहीं है। सरकारी उच्च पदों पर बैठे लोग भ्रष्टाचार और आपराधिक हरकतों में लिप्त हैं एप्सटिन फाइल इसका ताजा सबूत है। लाल झंडे को कसमार में सबसे ज्यादा मजबूत बनाना समय की जरूरत है। जन विरोधी नीतियों का जवाब मुक्कमल आंदोलन से देना होगा।
भाकपा माले राज्य स्थाई कमेटी सदस्य भुवनेश्वर केवट ने कहा कि श्रम कानून जो मजदूरों का सुरक्षा कवच है, को खत्म कर केंद्र सरकार श्रम संहिता लाकर मजदूरों को फिर से बंधुवा मजदूर बनने को विवश कर रही है। मनरेगा को खत्म कर लाए गए वी बी रामत् जी योजना ग्रामीण मजदूरों के रोजगार के अधिकार पर दूसरी बड़ा हमला है। आज देश में बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित है। अपराधी और बलात्कारी मस्त है। कंपनी राज के खिलाफ ज़ोरदार आंदोलन ही वक्त की जरूरत है।
अमेरिका और मोदी द्वारा किया गया कृषि समझौता डील नहीं सरेंडर है। इससे देश किसान तबाह होगें।
सम्मेलन के मुख्य पर्यवेक्षक विकास कुमार सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में लोक कमजोर और तंत्र मजबूत हो गया है। इसी का दुष्परिणाम आम आदमी को भुगतना होगा। लाल झंडे का संघर्ष हमेशा मजदूर किसानों के पक्ष में रहा है। लाल झंडा की पार्टी और नेता ही आज बेदाग है बाकी हमाम में सब नंगे हैयहीं कारण है कि एप्सटिन फाइल में किसी भी कम्युनिस्ट देश के बड़े नेताओं का नाम शामिल नहीं है फाइल में उजागर हुए सभी भारतीय नेताओं और कंपनियों को नैतिक तौर पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
सम्मेलन के माध्यम से 23 सदस्य प्रखंड कमिटी का चयन किया गया। सम्मेलन में सर्वसम्मति से सकुर अंसारी प्रखंड सचिव और गंगाधर महतो सह सचिव निर्वाचित हुए इसके अतिरिक्त राजू महतो, नित्यानंद महतो, उमाशंकर महाराज, सुरेश गंझु, सलीम साह, शिव राम कपड़दार, ऐनुल अंसारी, बबलू महतो, साहबान अंसारी, बिनोद मुखर्जी मुमताज अंसारी, मृत्युंजय महतो, सीमा प्रवीण, उत्तम महतो, नजमा खातून, आदि मुख्य रूप से शामिल हैं।।

